अगला नंदीग्राम कहीं उडीसा में तो नहीं
जिस तरह से नंदीग्राम के बाद भी उडीसा की नवीन पटनायक सरकार विवादित बहुराष्ट्रिय स्टील कंपनी ’पोस्को’ के लिये जमीन अधिग्रहण तथा पारादीप में नया बन्दरगाह बनाने के लिये कटिबद्ध दिख रही है, उससे तो यही लग रहा है कि देश में लोकतान्त्रिक सरकार ही लोकतन्त्र का गला घोटने में सबसे आगे है. पी.एन.एन. के लिए शिराज केसर एवं सुनील की प्रस्तुति.
Posted by collective at July 10, 2007 07:26 PM