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Articles in Hindi
POSCO Project Based on Economic Scam?
How much is Orissa really losing with the POSCO project? Articles in Hindi
CPI (ऍम) के गुंडों ने राधारानी का दुबारा बलात्कार किया
नंदीग्राम में गोकुल्नगर छेत्र के एक गावं में छपी (ऍम) के गुंडों ने राधारानी आरी का दुबारा से बलात्कार किया और अन्य महिलाओं और पुरुषों पर आक्रमण किया. जो लोग घायल हुए हैं, वो नंदीग्राम सरकारी अस्पताल में भरती हैं.
CPM Goons Burn, Rape in Nandigram Again
Violence erupted afresh in Nandigram since Friday after CPM workers allegedly attacked villagers in Gokulnagar area and gangraped a 50-year-old woman. Three persons, including the woman, were shifted to the SSKM Hospital in Kolkata on Saturday.
Democracy in Bhutan Not for 108000 Refugees
Bhutan conducted its first successful elections after 100 years of democracy. But a sixth of the population - that lives in refugee camps in Nepal - was debarred. To read the Hindi translation, click here.
Communal Violence in Orissa
Community leaders from Uttar Pradesh write to the National Human Rights Commission to act against the recent violence against Christians in Orissa and are asking citizens and community groups from around India to join in.
RTI Camps organized in Kanpur (UP), Baksa (Assam)
Along with local organizations, Asha Ashram co-organized RTI Camps in Kanpur in UP and Tamulpur, Baksa, in Assam.
पलामु में असंगठित मजदुरॊ ने रैली किया
आजादी के ६० वर्ष बाद भी शिक्शा, चिकित्सा और आवास जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित, मजदूरॊ कि दयनीय स्थिति में सुधार लाने तथा राज्य व केन्द्र सरकार का ध्यान मजदूरों की ओर आक्रिष्ट करने के लिये, झारखण्ड राज्य के दिहाडी मजदूरॊं ने पलामू जिले में असंगठित मजदुरों का एक बडा रैली और आम सभा का आयोजन किया. रविशंकर पलामु का लेख, पी. एन. एन. के लिये.
मणिपुर: बुलेट से नही, बातचित से निकलेगा समाधान
आज मणिपुर के सारे रोजगार और व्यापार के साधनॊं पर गैरमणिपुरी लोगों का कब्जा है. साथ ही ’ग्रेटर नागालैन्ड’ के तहत मणिपुर को डर है कि कुछ हिस्सा और खॊ दे. थौनाउजम बसंता का लेख, पी. एन. एन. के लिये.
क्या यह महज एक बयान है?
राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, अपनॆ कांग्रेसी उम्मिद्वार नियुक्त होने के तत्काल बद, दो ऐसे बय़ान दिये जो विवादस्पद थे. जितेन्द्र कुमार का लेख, पी. एन. एन. के लिये.
आजादी के साठ साल और हमला खुदरा बाजार पर
वालमार्ट, रिलायेन्स और टेसकॊ खुदरा बाजार को घेरना चाहती है. इससे देश पर क्या प्रभाव पडेगा? और सरकारें क्या कर रहीं हैं? मीनक्शी अरॊरा शिराज केसर, संजय तिवारी, और के. एन. पाण्णिकर के लेख, पी. एन. एन. के लिए.
एक जमाने में हिन्दु और मुसलमान साथ लडे थे
१८५७ प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की १५०वीं साल्गिरह पर पी.एन.एन. के लिए जावेद नक्वी की प्रस्तुति.
ग्रामीण रोजगार योजना का सच
संभावनाएं अपार मगर समस्याओं का भी अंबार. पी.एन.एन. के लिए भंवर मेघवंशी की प्रस्तुति.
ग्रामीण रोजगार योजना का सच
संभावनाएं अपार मगर समस्याओं का भी अंबार. पी.एन.एन. के लिए भंवर मेघवंशी की प्रस्तुति.
अगला नंदीग्राम कहीं उडीसा में तो नहीं
जिस तरह से नंदीग्राम के बाद भी उडीसा की नवीन पटनायक सरकार विवादित बहुराष्ट्रिय स्टील कंपनी ’पोस्को’ के लिये जमीन अधिग्रहण तथा पारादीप में नया बन्दरगाह बनाने के लिये कटिबद्ध दिख रही है, उससे तो यही लग रहा है कि देश में लोकतान्त्रिक सरकार ही लोकतन्त्र का गला घोटने में सबसे आगे है. पी.एन.एन. के लिए शिराज केसर एवं सुनील की प्रस्तुति.
नदियों की आवाज
एक ओर हम १८५७ के शहीदों के याद करते हुए आजादी का पहला जंग का जश्न मना रहे हैं. उधर हमारे जीवन के आधार - जल, जमीन, जंगल, अन्न - पर विदेशी कम्पनियां नियन्त्रण कायम कर रही हैं. क्या हमारी आजादी बच पायेगी? राजेन्द्र सिंह की प्रस्तुती,यह लेख पी.एन.एन. द्वारा प्रकाशित की गई.
जमुना की मौत और कामनवेल्थ खेल
कामनवेल्थ खेल के बहाने दिल्ली की भूमाफ़िया यमुना के तट पर जमीन पर गैरकानूनी कब्जा कर रही है. उधर सरकार सिर्फ़ झुग्गियां जलाने मे लगी हुई है - लाखों बेघर हो गये हैं. और जमुना नदी मर रही है. शिराज केसर की प्रस्तुती यह लेख पी.एन.एन. द्वारा प्रकाशित की गई..
इप्टा का दूसरा राज्य सम्मॆलन संपन्न
भारतिय जन नाट्य संघ (इप्टा), झारखंड का तीन दिवसीय, दूसरा राज्य सम्मेलन, १४ अप्रॆल को झारखंड के वरिष्टतम लोक गायक भरत नायक और कई राष्ट्रीय-अंतराष्ट्रीय संस्क्रीतिकर्मियों की उपस्थिति मे> सम्पन्न हुआ. अलोका कुजूर की प्रस्तुति.
महिलाओं पर अत्यचार को राज्य सरकार ने अनदेखा किया
जबकि ४० से ज्यादा कानून महिलाओं के हक और सुरक्शा के लिए बनाये गयें हैं, फ़िर भी हर रोज महिलाएं पिट रही हैं, मौत हो रहीं हैं - कही कानून से सुरक्शित नहीं हैं. अलोका कुजूर आलेख करती हैं.
कोका कोला ने बल्लिया में प्रदूषित पदार्थ फ़ैंका
बल्लिया मे स्थित कोका कोला की बोतल-भरती फ़ैक्टरी ने अपनी प्रदूषित पदार्थ बाहर के खेथ में डाल रखा है - पास के गांव-वासी ने परखने पर पता लगाया. इंडिया रिसोर्स सेंटर की रिपोर्टैं.
रिवा में आदिवासियों का संघर्ष जारी
मध्य प्रदेश के रिवा जीले के गांद मे आज भी पुलीस दमन जारी है.
Netaji's Speech on Bahadur Shah Zafar
As India celebrates the 150th Anniversary of the 1st War of Independence (1857), we refer to Aflatoon’s presentation of Netaji Subhash Chandra Bose’s speech on 11th July 1944 to the Azad Hind Fauj and his reference to this First War of Independence. It is especially poignant to listen to Netaji’s reference to Bahadur Shah Zafar.
जंगल पर हक जताने का संघर्ष
भारत मे ’बाघ या मानव’ और ’जंगल या आदिवासी’ की चल रही गर्मागर्म बहस के बीच मध्य प्रदेश के पिपरिया तहसील मे आदिवासियों ने अपने अधिकारों की मांग को लेकर खास तरह से विरोध दर्ज किया.
गांधीजी और हिन्दु राष्ट्र
जब् १९४२ मे कुछ् संगठनों ने नारा लगाया कि भारत सिर्फ़ हिन्दुओं के लिये है तो हरिजन ( पृष्ट : २६१ ) में गांधी जी ने उसका जवाब लिखा. अफ़्लातून प्रस्तुत करते हैं वो लेख और उल्लेख करते हैं उसका मूल.
उपभोक्तावादी संस्कृति
सच्चिदानन्द सिन्हाजी की पुस्तिका 'उपभोक्तावादी संस्कृति : गुलाम मानसिकता की अफ़ीम' की कडियां.
प्रिथ्वी दिवस पर यूनाईटेड बैवरीज, अलवर में प्रदर्शन
राजेन्द्र सिंह ने कहा कि जल की लूट के खिलाफ़ हकदारी के लिए लडना होगा.Download file
मानवहित के लिए वैश्विकरण
किशन पटनायक के स्म्रिति में श्री सुनील का लेख - क्या वैश्विकरण का मानवीय चेहरा संभव है? Download file
सरकार और नक्सल के बीच पिसते आदिवासी
प्रभात कुमार लिखते हैं कि सरकार की रवैया ने नक्सल का समस्या को तो हल नही किया, उधर लाशों की संख्या हजार पार कर चुकी है.
देश में अलगाव-वाद बढ रहा है
अरुन्धति रोय़ की बातचीत शोमा चौधरी के साथ: यह पूरी तरह जंग है और दोनों अपने-अपने हथियार चुन रहे हैं. (अनुवाद - मिनाक्शी अरोरा)
आखिर कब तक? इरोम शर्मिला का सत्याग्रह
इरोम शर्मिला का सत्याग्रह एक ऐसी कानून के विरोध मे है जो मणीपूर की निवासियों का सैनिकों के हाथ बलातकार से मुंह मोड रही है. य़ह सत्याग्रह हमारी सरकार से यह पूछती है कि मणीपूर के निवासी भारतिय हैं य नहीं. सरकार कब तक चुप रहेगी?
जमीन बन्दूक की जोर पर छीनी जा रही है
सुमित सरकार कहते हैं कि मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी की सरकार ने अपनी औद्योगीकरण के प्रयोजना में लोगों को शामिल करने की कोशिश नही की. सच तो यह है कि यह सरकार ने जोर जबर्दस्ती से, लोगों को डरा-धमकाकर, बन्दूक की ताकत पर अपनी प्रयोजना कि सफ़लता चाही.
नन्दीग्राम का सबक
नन्दीग्राम ने भारनिय लोकतंत्र को क्या सबक सिखाया? शिराज केसर इस पर व्याख्या करते हैं.
भारत पेटेन्ट रिपोर्ट और बहुराष्ट्रीय कंपनियों का प्रभाव
माशेल्कर और उनकी माननीय समिती को देढ साल लगा और उसस्के बाद उन्होने ऐसा रिपोर्ट प्रस्तुत किया जो शमनाद बशीर द्वारा लिखित रिपोर्ट से नकल किया था. शमनाद बशीर को इस लेख के लिए वित्तीय सहायता मिली थी अमरीकी, यूरोपी और जापानी बहुराष्ट्रीय दवा कंपनियों. ऐसी दवा कंपनियों की लिखी लेख से भारत की पेटेन्ट नियम बनायेंगे ये बुद्धिजीवी.
दोहा नहीं, छोटे किसानों को बचाओ
वन्दना शिवा कहती हैं कि डब्लूटिओ के मुद्दे पर भारत सरकार उल्टे काम कर रही है.
जमीन मत हडपॊ
सूप्रीम कोर्ट के माननीय वकील प्रशांत भूशण कहते हैं कि पिछले कुछ सालों से लगातार बडी मात्रा में जमीनों का अधिग्रहण से गरीब, छोटे किसान और आदिवासी बडी मात्रा मे बेघर हो रहे हैं. इससे देश मे उन्नति कैसे आ सकती है?
उत्तर प्रदेश चुनाव: महिलाओं की मांगे
उत्तर प्रदेश के राजनैतिक दलॊं से जुडी महिलाओं, महिला आन्दोलन्कारी, मीडिया की महिलाओं तथा कई जनपदों की ग्रीमीण व शहरी महिलाओं ने आगामी चुनाव के लिए एक सामुहिक मांगपत्र की घोषणा की.
हजारीबाग में कोयला खनिज कब्जा के विरुद्ध पदयात्रा
हजारीबाग जिले के बडका गांव, केरेडारी और टण्डवा प्रखण्डो में एन.टी.पी.सी., एमटा (आस्ट्रेलियाई कंपनी), निक्को जायस्वाल, जिंदल सहित तमाम बडी कंपनियों द्वारा वहां के कोयला खनिज पर कब्जा के विरुद्ध लगभग १७६ गांवो के लोगों का संघर्ष चल रहा है.
स्विस कंपनी की भारत पेटेन्ट कानून को चुनौती
दवा बहुराष्ट्रीय कंपनी ने भारत पेटेन्ट कानून के भाग(ड) को चुनौती देते हुए मद्रास उच्च न्यायालय मे थोडे से बदलाव के साथ एक ऐसे दवा को पेटेन्ट करने की अर्जी दी है जिसको यह पहले ही १९९३ में पेटेन्ट कर चुकी है. यह दवा ग्लीवाक रक्त कैंसर ल्यूकेमिया के इलाज मे काम आती है.
न्यायपालिका में सुधार के लिए "जनपंचायत"
न्यायपालिका में बढते हुए भ्रश्टाचार को देखते हुए, न्यायाधीश प. व. सांवत ने सुझाव दिया.
गर्मागर्म जलेबी पैकेट में?
सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि दिल्ली की गलियों में खुली जलेबी नहीं बिक सकती. बलाश पूछते हैं कि इससे आम इनसान पर क्या प्रभाव पडेगा.
एस.ई.जेद. का सच
प्र्भात कुमार का प्रश्न: एस.ई.जेद. से फ़ायदा किसको, नुक्सान किसको?
बाज़ार किसान को बरबाद करेगा
देवेन्द्र शर्मा बताते हैं कि यह अनुशासन का रवैया और वैश्वीकरण के प्रभाव किसानों को कुचल रहा है.
भारत के राश्ट्रपति के नाम
जनकलाल ठाकुर लिखते हैं: "राश्ट्रपति जी! छत्तिसगढ को धान का कटोरा ही रहने दो" |